Wednesday, August 26, 2026
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हेमाबंद में पशु क्रूरता मामले में प्रशासन की सख्ती, आरोपी पिता-पुत्र गिरफ्तार, शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाया गया

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रायपुर। बेमेतरा जिले की दाढ़ी तहसील अंतर्गत ग्राम हेमाबंद में आवारा एवं घुमंतू पशुओं को अनाधिकृत रूप से बंधक बनाकर रखने के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल पशु चिकित्सक को मौके पर भेजकर जांच कराई। प्रथमदृष्टया शिकायत सही पाए जाने पर पुलिस ने आरोपी दिलीप राय के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर उसे और उसके पुत्र संजय राय को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया है।

पुलिस के अनुसार, हेमाबंद निवासी दिलीप राय (55 वर्ष) और संजय राय (35 वर्ष) के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 325, 299, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(1)(क), 11(1)(ज) तथा छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6 एवं 10 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाया

प्रशासन ने मामले में केवल एफआईआर तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी। आरोपी द्वारा कब्जा की गई शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई 25 अगस्त को पूर्ण कर ली गई है। साथ ही आरोपी द्वारा उपयोग किए गए जब्त ट्रैक्टर के संबंध में राजसात की कार्रवाई भी पुलिस द्वारा प्रारंभ कर दी गई है।

126 पशुओं को गौशालाओं में पहुंचाया

मौके पर मिले 126 पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। इसके बाद सभी पशुओं को वहां से हटाकर जिले की अन्य गौशालाओं में सुरक्षित रूप से व्यवस्थापित किया गया है। पशुओं के स्वास्थ्य एवं उपचार की निगरानी के लिए संबंधित गौशालाओं में विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की टीम को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

मृत पशुओं की मौत की भी होगी जांच

जांच के दौरान गांव की सरहद में कुछ मृत पशु भी पाए गए हैं। इन पशुओं की मृत्यु किन परिस्थितियों और किन कारणों से हुई, इसका पता लगाने के लिए तीन पशु चिकित्सकों की टीम गठित की गई है। टीम द्वारा आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण एवं जांच की जा रही है।

पंचायत सचिव निलंबित

मामले में पंचायत स्तर पर कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही को भी प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। श्री प्रकाश कोशले, सचिव ग्राम पंचायत हेमाबंद को अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने के मामले में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पशुओं के प्रति क्रूरता, शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे अथवा अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही के मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा। हेमाबंद मामले में भी दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जा रही है।जिला प्रशासन का कहना है कि ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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