Thursday, September 24, 2026
HomeChhattisgarhमुख्य सचिव श्री विकास शील ने...

मुख्य सचिव श्री विकास शील ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर ली तैयारियों की समीक्षा

Banner Advertising

रायपुर, 14 अक्टूबर 2025/ अंग्रेजी हुकूमत के काल में छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के शौर्य और बलिदान की स्मृति में नवा रायपुर, अटल नगर में निर्मित किए जा रहे भव्य संग्रहालय-सह-स्मारक को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी राज्योत्सव के अवसर पर इस संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे। मुख्य सचिव श्री विकास शील ने आज निर्माण स्थल पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर बनाया जा रहा यह संग्रहालय देश का पहला पूर्णतः डिजिटल संग्रहालय होगा। इसमें स्वतंत्रता आंदोलन के समय छत्तीसगढ़ में हुए 14 प्रमुख आदिवासी विद्रोहों के साथ-साथ जंगल सत्याग्रह और झंडा सत्याग्रह पर अलग-अलग गैलरियाँ बनाई जा रही हैं। संग्रहालय में आगंतुकों को इन जनजातीय आंदोलनों की जीवंत झलकें देखने और सुनने को मिलेंगी।

निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव श्री शील ने कहा कि संग्रहालय में प्रदर्शित की जाने वाली सभी वस्तुओं और सामग्री को उनके मूल स्वरूप में ही प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि ओरिएंटेशन रूम में प्रदर्शित की जाने वाली डाक्यूड्रामा हल्बी-गोंडी या अन्य जनजातीय बोलियों में तैयार की जाए, ताकि यह स्थानीय संस्कृति से जुड़ाव का सशक्त माध्यम बन सके। उन्होंने प्रधानमंत्री जी के कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए सभी गैलरियों का भ्रमण किया और आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने संग्रहालय में प्रदर्शित किए जाने वाले आदिवासी विद्रोहों का संक्षिप्त परिचय देते हुए पूरे रूट चार्ट के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने आज ही संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर लोकार्पण की तैयारियों की समीक्षा की। श्री बोरा ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण अवसर है कि देश का पहला पूर्णतः डिजिटल आदिवासी संग्रहालय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कर-कमलों से लोकार्पित होने जा रहा है। उन्होंने सभी विभागों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का आग्रह किया।

प्रमुख सचिव श्री बोरा ने प्रधानमंत्री जी के लोकार्पण रूट-प्लान के अनुसार अनिवार्य सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने, संग्रहालय तक आने वाले पूरे मार्ग पर स्ट्रीट लाइट, रंग-रोगन एवं सौंदर्यीकरण के कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संग्रहालय क्षेत्र में चौबीसों घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा गार्डनिंग और वृक्षारोपण की आवश्यक तैयारियाँ भी समय पर पूरी हों।

उल्लेखनीय है कि शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय देश का पहला पूर्णतः डिजिटल संग्रहालय होगा। इसमें स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान छत्तीसगढ़ में हुए प्रमुख आदिवासी विद्रोहों—हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रोह, भोपालपट्टनम विद्रोह, परलकोट विद्रोह, तारापुर विद्रोह, लिंगागिरी विद्रोह, कोई विद्रोह, मेरिया विद्रोह, मुरिया विद्रोह, रानी चौरिस विद्रोह, भूमकाल विद्रोह, सोनाखान विद्रोह, तथा झंडा सत्याग्रह और जंगल सत्याग्रह—के वीर नायकों के संघर्ष और शौर्य को 14 गैलरियों में जीवंत रूप से प्रदर्शित किया जा रहा है।

बैठक में संभागायुक्त श्री महादेव कावरे, आयुक्त आदिम जाति विकास विभाग डॉ. सारांश मित्तर, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के आयुक्त श्री अवनीश शरण, कलेक्टर श्री गौरव सिंह, नगर निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वजीत, संचालक टीआरटीआई श्रीमती हिना अनिमेष नेताम, संचालक अंत्यावसायी विकास निगम डॉ. जगदीश कुमार सोनकर, अतिरिक्त कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेंद सिंह, डीआईजी छत्तीसगढ़ अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं श्री सुरेश ठाकुर, एनआरडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल के मुख्य अभियंता, तथा लोक निर्माण विभाग रायपुर के मुख्य और कार्यपालन अभियंता सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

RELATED ARTICLES
spot_img

Most Popular