इसी दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए रायपुर स्थित माता दंतेश्वरी मंदिर, रावाभाठा में श्री अविनाश पांडे जी के नेतृत्व में इस वर्ष भी विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। यह आयोजन हर वर्ष की तरह भव्य रहा, किन्तु इस बार इसमें एक विशेष संदेश भी छिपा था।
समाज को ऊर्जा संरक्षण का संदेश देने हेतु इस बार भंडारे में गैस के स्थान पर लकड़ी का उपयोग कर भोजन तैयार किया गया। लगभग 300 किलोग्राम आटे की पूड़ियाँ एवं सब्ज़ी तैयार करना अपने आप में एक बड़ी चुनौती थी, क्योंकि आज के समय में लकड़ी से खाना बनाने की परंपरा लगभग कम हो चुकी है।
शुरुआत में मिस्त्री भी इस कार्य के लिए तैयार नहीं हो रहे थे, लेकिन समिति के सदस्यों के प्रयास, सहयोग और मेहनत से यह कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण हुआ। सभी साथियों ने स्वयं श्रमदान कर इस आयोजन को सफल बनाया।
इस पुनीत कार्य में सहयोग देने वाले प्रमुख साथियों में
अवनीश पांडे, शिव कुमार सिंह,अनीश मिश्रा, सतेंद्र गिरी, सूरज तिवारी, करण सिंह, निलेश पांडे, अक्षय पांडे, मोंटू भैया, अवधेश गोस्वामी जी, राजू तिवारी, छोटे लाल (ढाबा वाले), विजय शर्मा, शंकर यादव, लोकनाथ साहू, संतोष साहू, भूपेंद्र दुबेदी, एवं अन्य सभी सदस्यगण शामिल रहे।
यह प्रयास न केवल एक धार्मिक आयोजन रहा, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश भी बना —
“ऊर्जा की बचत करें, परंपराओं को अपनाएं और सामूहिक प्रयास से बड़े कार्य संभव बनाएं।”
इस उत्कृष्ट आयोजन के लिए श्री अविनाश पांडे जी एवं समस्त सहयोगियों को हार्दिक धन्यवाद एवं बधाई।




