रूसी मिसाइलें और ड्रोन्स ने सोमवार को यूक्रेन में जमकर तबाही मचाई. यूक्रेन में सोमवार को रूसी मिसाइलों और ड्रोन हमलों में कम से कम 12 आम नागरिक मारे गए और 40 अन्य घायल हो गए. हमले तब हुए जब लोग घरों से बाहर खुले में मौजूद थे. इसलिए इन हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है. तेल रिफाइनरी पर हमले से बौखलाए रूस ने यूक्रेन पर बड़ा हमला किया है.

यूक्रेन में रूसी मिसाइल और ड्रोन हमलों से 12 लोगों की मौत हो गई और 40 लोग घायल हुए. राष्ट्रपति जेलेंस्की ने यूरोप से बेहतर सुरक्षा प्रणाली की मांग की है.
यूक्रेन के हमलों की चपेट में रूस की कई रिफायनरियों, तेल-गैस गोदाम और तेल-गैस पाइपलाइनों के निशाने पर आने से मास्को सहित रूस के शहरों में पेट्रोलियम पदार्थों का संकट पैदा हो गया. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उच्चस्तरीय बैठक में स्थिति को मुश्किल बताया लेकिन यह भी कहा कि जल्द इस स्थिति पर नियंत्रण पा लिया जाएगा
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने यूरोप से बेहतर सुरक्षा प्रणाली की मांग की है. यूक्रेन पर हुए हमलों को राष्ट्रपति जेलेंस्की ने भयानक बताया और इसकी निंदा की है. अटैक के बाद कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, 16,000 से ज़्यादा यूक्रेनी नागरिक मारे जा चुके हैं.
पश्चिमी अधिकारियों का कहना है कि हाल के महीनों में युद्ध में एक बड़ा बदलाव आया है. यूक्रेन के बढ़ते ड्रोन हमलों की वजह से रूस और रूस के कब्जे वाले इलाकों में ईंधन की कमी हो गई है.
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा, लोगों को ऐसे भयानक हमलों से बचाने के लिए बेहतर सुरक्षा की ज़रूरत है. और यह तभी हो सकता है जब हमारे पास एंटी-बैलिस्टिक क्षमताएं हों. यह बहुत जरूरी है कि यूरोप अपना खुद का एंटी-बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम और मिसाइलें विकसित करने में पूरी तरह सक्रिय रहे.



