Thursday, July 16, 2026
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आयुष्मान भारत वय वंदन योजना : छत्तीसगढ़ में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला प्रथम, 81 प्रतिशत से अधिक बुजुर्गों के बने कार्ड

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आयुष्मान भारत वय वंदना योजना के तहत 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को सालाना 5 लाख रूपए तक का निःशुल्क और कैशलेस इलाज मिलता है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए कोई आय सीमा निर्धारित नहीं है। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य सेवा परिदृश्य में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए संचालित केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत वय वंदन योजना के सफल क्रियान्वयन में यह जिला पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान पर उभरा है।

15 जुलाई 2026 को जारी राज्य स्तरीय समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार, जिले ने अपने निर्धारित लक्ष्यों के मुकाबले उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया है। यह सफलता जिला प्रशासन की दूरदर्शिता और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के समर्पण को रेखांकित करती है।

81.17 प्रतिशत कवरेज के साथ बना मिसाल

योजना के तहत 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को, उनकी आय की परवाह किए बिना, प्रति वर्ष 5 लाख रुपए तक का मुफ्त और कैशलेस इलाज प्रदान किया जाता है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में कुल निर्धारित लक्ष्य 27 हजार 514 सदस्यों के मुकाबले रिकॉर्ड 22 हजार 333 बुजुर्गों का सफलतापूर्वक वय वंदना कार्ड बनाया जा चुका है। जिला 81.17 प्रतिशत की अभूतपूर्व कवरेज दर के साथ समूचे छत्तीसगढ़ में पहले पायदान पर काबिज है, जबकि राज्य का औसत कवरेज 64 प्रतिशत है। जिले का यह मॉडल अब राज्य के अन्य जिलों के लिए भी एक रोल मॉडल और प्रेरणा स्रोत बन गया है।

जिला प्रशासन और स्वास्थ्य अमले की सक्रियता

इस गौरवपूर्ण सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जिला कलेक्टर ने कहा कि शासन की समस्त जनहितैषी और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के पात्र व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुँचाना जिला प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले की सक्रियता और रणनीतिक योजना को दिया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने इस सफलता को टीम भावना का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के जिला समन्वयक रोशन सचदेव, समस्त खंड चिकित्सा अधिकारियों (BMOs), मैदानी अमले, मितानिनों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने इसके लिए अद्वितीय समर्पण दिखाया है। टीम ने न केवल डेटा एंट्री के स्तर पर काम किया, बल्कि सक्रिय रूप से घर-घर जाकर सर्वे किया, पात्र लाभार्थियों की पहचान की और उन्हें त्वरित रूप से कार्ड उपलब्ध कराए।

इस उत्कृष्ट प्रदर्शन से स्वास्थ्य विभाग का मनोबल बढ़ा है और जिला प्रशासन ने भविष्य में भी सभी स्वास्थ्य सूचकांकों व योजनाओं में उत्कृष्टता का यही स्तर बनाए रखने का संकल्प दोहराया है।

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