Wednesday, October 7, 2026
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ब्लू इकोनॉमी सतत विकास और भारत की आर्थिक प्रगति की महत्वपूर्ण कड़ी : कुलपति डॉ. टी. रामाराव

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  • आंजनेय यूनिवर्सिटी में एआईसीटीई प्रायोजित अटल कार्यक्रम का आयोजन
  • दो दिनों में जल संरक्षण, समुद्री ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के विभिन्न आयामों पर विशेषज्ञों ने साझा किए विचार
  • समापन समारोह में बीएससी विद्यार्थियों ने लोक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी

रायपुर। आंजनेय यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ऑफ साइंस के डिपार्टमेंट ऑफ मैथमेटिक्स एवं डिपार्टमेंट ऑफ जूलॉजी द्वारा एआईसीटीई प्रायोजित अटल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। “ब्लू इकोनॉमी : ए पाथवे टू सस्टेनेबल डेवलपमेंट एंड इंडियाज़ इकोनॉमिक ग्रोथ” विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम में ब्लू इकोनॉमी के विभिन्न आयामों, जल एवं समुद्री संसाधनों के संरक्षण, पर्यावरणीय सुरक्षा तथा सतत विकास में उनकी भूमिका पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. एल. के. परगनिहा, गेस्ट ऑफ ऑनर डॉ. एन. मरिमुथु, डायरेक्टर जनरल डॉ. बी. सी. जैन, कुलपति डॉ. टी. रामाराव, डायरेक्टर डॉ. जयेंद्र नारंग, डायरेक्टर एकेडमिक्स डॉ. संध्या वर्मा एवं रजिस्ट्रार डॉ. रुपाली चौधरी सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

विशेषज्ञों ने कहा कि ब्लू इकोनॉमी समुद्री एवं जल संसाधनों के संरक्षण को आर्थिक विकास के साथ जोड़ने की महत्वपूर्ण अवधारणा है। समुद्री जैव विविधता के संरक्षण से लेकर नवीकरणीय ऊर्जा, जल संसाधन प्रबंधन, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और सतत मत्स्य पालन तक, इसके विभिन्न क्षेत्र भारत के सतत विकास और आर्थिक संभावनाओं से जुड़े हैं।

तकनीकी सत्रों में ब्लू इकोनॉमी के विभिन्न आयामों पर विमर्श
कार्यक्रम के पहले दिन तकनीकी सत्रों में डॉ. एन. मरिमुथु ने कोरल रीफ संरक्षण एवं तटीय पारिस्थितिकी तंत्र की स्थिरता, डॉ. राजेश कुमार राय ने नवीकरणीय समुद्री ऊर्जा, डॉ. रंजू गुप्ता ने जल संसाधन प्रबंधन तथा डॉ. पार्वती पटेल ने सतत मत्स्य पालन पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिए। सत्रों में समुद्री एवं जल संसाधनों के संरक्षण, उनके जिम्मेदार उपयोग और सतत विकास में उनकी भूमिका पर चर्चा हुई।

दूसरे दिन श्री प्रहलाद ने जल संरक्षण एवं प्रबंधन और सतत विकास के संबंध पर विचार साझा किए। डॉ. राज किशोर चौधरी ने सतत पर्यावरण एवं विकास, जबकि प्रो. अनुभूति कौशले ने जल स्थिरता एवं पर्यावरण संरक्षण पर अपने विचार रखे। अंतिम सत्र में एस. के. राजीव नायर, डीन, सीएसआईटी, दुर्ग ने “बीकम द बेस्ट वर्जन ऑफ योरसेल्फ” विषय पर अत्यंत इंटरैक्टिव एवं प्रेरणादायी सत्र लिया, जिसमें प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता रही।

समापन समारोह में लोक नृत्य ने बांधा समां
दो दिवसीय कार्यक्रम के समापन अवसर पर बीएससी के विद्यार्थियों द्वारा लोक नृत्य की आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई। पारंपरिक लोक संस्कृति और जीवंत प्रस्तुति ने कार्यक्रम में उत्साह और उमंग का वातावरण बनाया। विद्यार्थियों की प्रस्तुति को उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों एवं प्रतिभागियों ने सराहा।

समापन समारोह में दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान हुए अकादमिक विमर्श और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम ने प्रतिभागियों को जल एवं समुद्री संसाधनों के संरक्षण, पर्यावरणीय जिम्मेदारी और सतत विकास की दिशा में विचार करने का अवसर प्रदान किया।

बॉक्स न्यूज़

दो दिनों में ब्लू इकोनॉमी के विविध आयामों पर हुआ अकादमिक विमर्श

कार्यक्रम के दौरान कोरल रीफ संरक्षण, नवीकरणीय समुद्री ऊर्जा, जल संसाधन प्रबंधन, सतत मत्स्य पालन, जल संरक्षण एवं प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण तथा व्यक्तिगत विकास जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। विभिन्न तकनीकी सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को ब्लू इकोनॉमी के पर्यावरणीय, वैज्ञानिक, आर्थिक और सामाजिक पक्षों को समझने का अवसर मिला।

दो दिवसीय कार्यक्रम का समापन सांस्कृतिक लोक नृत्य प्रस्तुति और वैलिडिक्टरी सत्र के साथ हुआ। कार्यक्रम में विशेषज्ञों, शिक्षकों एवं प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता रही।

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