Wednesday, August 12, 2026
HomeChhattisgarhविधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने...

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किया ‘सत्याग्रह‘ किताब का विमोचन

Banner Advertising

रायपुर, 02 अगस्त 2026/ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज शाम यहां शंकर नगर स्थित अपने निवास कार्यालय में सत्याग्रह नामक किताब का विमोचन किया। हरि ठाकुर स्मारक संस्थान रायपुर छत्तीसगढ़ द्वारा यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुस्तक के लेखक साहित्यकार एवं पत्रकार स्वर्गीय आशीष सिंह है। यह पुस्तक जल-जंगल के संघर्ष पर केन्द्रित है। कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष श्री प्रभात मिश्रा ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा, साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा सहित, पूर्व सांसद श्री चुन्नीलाल साहू, साहित्यकार, स्वर्गीय आशीष सिंह जी के सुपुत्र श्री उपमन्यु सिंह, श्री अभिमन्यु सिंह मौजूद थे।

      विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने पुस्तक का विमोचन कर कहा कि यह किताब शताब्दी वर्ष छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों द्वारा किए गए जल-जंगल के लिए किए गए सत्याग्रह पर आधारित है। ब्रिटिश शासनकाल के दौरान जल-जंगल के अधिकारों की रक्षा के लिए हुए संघर्ष को दर्शाता है। बस्तर से लेकर राजनांदगांव एवं राजनांदगांव से लेकर धमतरी के कंडेल में नहर सत्याग्रह की घटना को उजागर करती है। सन् 1920 में बाबू छोटे लाल श्रीवास्तव के अनुरोध पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को धमतरी आना पड़ा। राजनांदगांव जिले के बादराटोला में शहीद रामाधीन गोंड जिसका स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान था, उसके नाम पर राजनांदगांव शहर में रामाधीन मार्ग है। डॉक्टर सिंह ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी त्यागमूर्ति स्व. प्यारे लाल सिंह स्वर्गीय हरि ठाकुर के योगदान को स्मरण किया। 

     राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जल-जंगल का संघर्ष शताब्दी वर्ष के रूप में सत्याग्रह किताब का विमोचन किया जा रहा है। स्वर्गीय आशीष सिंह ने इस किताब के जरिए स्वतंत्रता संग्राम के दौरान आंदोलन के समय के जल-जंगल के संघर्ष का विस्तार से वर्णन किया है, जिसमें धमतरी का कंडेल नहर सत्याग्रह, नत्थूजी जगताप, नारायण राव मेघावाले के संघर्ष और राजनांदगांव जिले के शहीद रामाधीन गोंड का बलिदान, पंडित सुन्दरलाल शर्मा का योगदान का चित्रण किया है। पुस्तक के प्रकाशन के लिए मैं हरि ठाकुर स्मारक संस्थान को अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं। 

    इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष श्री प्रभात मिश्र एवं साहित्य अकादमी छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, साहित्यकार श्री विरेन्द्र बहादुर ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
RELATED ARTICLES
spot_img

Most Popular