Tuesday, March 10, 2026
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डिजिटल इंडिया की उपलब्धि: सीएससी के 3,000 करोड़ रुपये के ऋण विस्तार से 70,000 वंचित उधार प्राप्त करने वालों का जीवन बदला

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दिल्ली। डिजिटल इंडिया पहल के तहत वित्तीय समावेशन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड (सीएससी एसपीवी) ने जुलाई 2023 से ऋण वितरण में 3,000 करोड़ रुपये का महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

इस कार्यक्रम ने वित्त वर्ष 2023-24 में 86 करोड़ रुपये, वित्त वर्ष 2024-25 में 1,631 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2025-26 में अगस्त 2025 तक 1,300 करोड़ रुपये के वितरण के साथ तेजी से विस्तार किया है। इससे अब तक लगभग 70,000 लोग लाभान्वित हुए हैं, जिनमें से कई पहली बार ऋण लेने वाले, छोटे ऋण चाहने वाले तथा बैंकिंग सेवाओं से वंचित वर्ग के लोग हैं। ग्रामीण परिवारों और छोटे व्यवसायों को सहायता देकर इस पहल ने उद्यमिता को बढ़ावा दिया है, परिवारों को मजबूत किया है और स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को बढ़ावा दिया है।

5.8 लाख से अधिक ग्राम स्तरीय उद्यमियों (वीएलई) के अपने व्यापक नेटवर्क का लाभ उठाते हुए और पिरामल फाइनेंस के साथ साझेदारी में सीएससी ने दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में वंचित और कमजोर समुदायों के लिए समय पर और किफायती ऋण उपलब्ध कराने में सक्षम बनाया है। ये ऋण स्थानीय साहूकारों की तुलना में सस्ते और ज़्यादा सुलभ हैं, जिससे शोषणकारी ऋण पर निर्भरता कम होती है। इस पहल ने जमीनी स्तर पर ऋण प्राप्त करने की बाधाओं को दूर किया है, आजीविका को मजबूत बनाया है और नागरिकों को सम्मान और आत्मविश्वास के साथ आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने के लिए सशक्त बनाया है।

इस उपलब्धि पर टिप्पणी करते हुए, सीएससी एसपीवी के एमडी और सीईओ, श्री संजय कुमार राकेश ने कहा, “यह उपलब्धि डिजिटल रूप से सशक्त समाज बनाने के हमारे साझा दृष्टिकोण को दर्शाती है। ग्रामीण नागरिकों को सुलभ वित्तीय सेवाओं से जोड़कर, सीएससी और पिरामल फाइनेंस भारत के वंचित क्षेत्रों में ऋण की कमी को पूरा कर रहे हैं।”

पिरामल फाइनेंस के चीफ बिजनेस ऑफिसर, श्री जगदीप मल्लारेड्डी ने कहा, “सीएससी के साथ हमारी साझेदारी अंतिम छोर तक ऋण पहुंचाने में सहायक रही है। 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण वितरण ग्रामीण भारत द्वारा हम पर किए गए विश्वास का प्रमाण है और हम वित्तीय समावेशन को और अधिक मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

सीएससी-पीरामल फाइनेंस सहयोग ने न केवल ऋण तक पहुंच को सरल बनाया है, बल्कि ग्रामीण विकास के लिए नए अवसर भी पैदा किए हैं। सीएससी की बेजोड़ डिजिटल पहुँच को पिरामल फाइनेंस के अभिनव वित्तीय समाधानों के साथ जोड़कर यह पहल भारत भर में लाखों लोगों के लिए ऋण को अधिक सुलभ, किफायती और प्रभावशाली बनाती है।

सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड (सीएससी एसपीवी) के बारे में:

सीएससी एसपीवी, भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत एक विशेष प्रयोजन कंपनी (एसपीवी) है, जो दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल सेवा वितरण नेटवर्कों में से एक का प्रबंधन करता है। 5.8 लाख से अधिक ग्राम स्तरीय उद्यमियों (वीएलई) के माध्यम से, सीएससी ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में नागरिकों को आवश्यक सरकारी और वित्तीय सेवाएँ प्रदान करता है और डिजिटल एवं वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देता है।

पिरामल फाइनेंस के बारे में:

राष्ट्रीय आवास बैंक में पंजीकृत आवास वित्त कंपनी, पिरामल फाइनेंस, देश भर में खुदरा और थोक ऋण सुविधाएँ प्रदान करती है। किफायती आवास ऋण, एमएसएमई वित्तपोषण और नवीन ऋण मॉडल पर ध्यान केंद्रित करते हुए, यह कंपनी समावेशी विकास की एक प्रमुख प्रेरक शक्ति बन गई है, विशेष रूप से कम सेवा वाले बाजारों में।

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