मशरूम उत्पादन से लेकर अगरबत्ती, साबुन और गोबर के दीये निर्माण तक कई आजीविका गतिविधियों से बढ़ाई आय

बिहान योजना से जुड़ने से पहले उनका परिवार मुख्य रूप से कृषि और मजदूरी पर निर्भर था, जिससे वार्षिक पारिवारिक आय महज 52 हजार रुपये थी। लेकिन स्वरोजगार के नए साधन विकसित होने से अब उनकी वार्षिक आय बढ़कर लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये हो गई है। नियमित आमदनी होने से न केवल परिवार की दैनिक जरूरतें आसानी से पूरी हो रही हैं, बल्कि आर्थिक स्थिति भी बेहद मजबूत हुई है।
श्रीमती दिनेश्वरी की यह सफलता आज ग्रामीण इलाके की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही है। उन्होंने इस मुकाम तक पहुंचने और मिले सहयोग के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है।



