Saturday, October 24, 2026
HomeChhattisgarhमंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों...

मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से छह परियोजना-सह-संसाधन केंद्रों के भवनों को मंजूरी

Banner Advertising

तीन जिलों में 2.70 करोड़ रुपये से बनेंगे भवन, विभागीय सेवाओं और योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन को मिलेगी मजबूती

रायपुर, 24 अक्टूबर 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन महिलाओं और बच्चों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं को मजबूत आधारभूत सुविधाओं के साथ जमीनी स्तर तक पहुंचाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से प्रदेश के छह परियोजना-सह-संसाधन केंद्रों के भवन निर्माण को स्वीकृति मिली है। राज्य शासन ने इन भवनों के लिए कुल 2 करोड़ 70 लाख 90 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रथम किस्त के रूप में 67 लाख 72 हजार 500 रुपये जारी करने की सहमति भी दी गई है।

नए भवन सूरजपुर जिले के भैयाथान और ओड़गी, रायगढ़ जिले के तमनार तथा बीजापुर जिले के बीजापुर, उसूर और भोपालपटनम में बनाए जाएंगे। प्रत्येक भवन के निर्माण के लिए 45 लाख 15 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

महिला एवं बाल विकास विभाग महिलाओं और बच्चों के विकास, स्वास्थ्य, पोषण तथा उनके अधिकारों और हितों के संरक्षण से जुड़ी अनेक योजनाओं और सेवाओं का संचालन करता है। परियोजना-सह-संसाधन केंद्र इन योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन, विभागीय अमले के समन्वय और सेवाओं की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप भवनों का निर्माण विभागीय कार्यों के संचालन के लिए बेहतर और व्यवस्थित सुविधा उपलब्ध कराएगा।

यह स्वीकृति केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिला एवं बाल विकास सेवाओं को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बेहतर आधारभूत सुविधा से विभागीय अमले को योजनाओं के क्रियान्वयन और हितग्राहियों से जुड़े कार्यों में सहूलियत मिलेगी। साथ ही, महिलाओं और बच्चों तक शासन की कल्याणकारी योजनाओं तथा सेवाओं की पहुंच आसान बनाने में मदद मिलेगी। दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में विभागीय गतिविधियों को मजबूत करने से शासन की जनकल्याणकारी पहलें अधिक व्यवस्थित रूप से लोगों तक पहुंच सकेंगी।

शासन के आदेश के अनुसार, अगली किस्त के प्रस्ताव के साथ प्रथम किस्त के उपयोग का प्रमाण-पत्र तथा निर्माण कार्य की भौतिक और वित्तीय प्रगति का विवरण प्रस्तुत करना होगा। स्वीकृत राशि का उपयोग निर्धारित व्यय सीमा और शासन के नियमों के अनुरूप किया जाएगा।

RELATED ARTICLES
spot_img

Most Popular