दिल्ली। डाटा केन्द्रों में महत्वपूर्ण अवसंरचना को सक्षम बनाने और निवेश बढ़ाने की आवश्यकता पर विचार करते हुए केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में बजट 2026-27 पेश करने के दौरान भारत से डाटा केन्द्र सेवाओं का उपयोग करके वैश्विक स्तर पर ग्राहकों को क्लाउड सेवाएं प्रदान करने वाली किसी भी विदेशी कंपनी को वर्ष 2047 तक कर रियायत प्रदान करने का प्रस्ताव किया है। इसके लिए, उस कंपनी को भारतीय पुनर्बिक्री संस्था के माध्यम से भारतीय ग्राहकों को सेवा प्रदान करने की जरूरत होगी।

केन्द्रीय बजट में भारत से डाटा केन्द्र सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनी को लागत पर 15 प्रतिशत का सेफ हार्बर प्रदान करने का प्रस्ताव किया गया है, यदि वह संबंधित कंपनी है।
केन्द्रीय वित्त मंत्री ने इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण के लिए जस्ट-इन-टाइम कार्य कुशलता का उपयोग करने के लिए बजट में बीजक मूल्य के 2 प्रतिशत के लाभांतर पर किसी बॉन्डेड वेयरहाउस में घटक वेयरहाउस के लिए अप्रवासी को सेफ हार्बर प्रदान करने का प्रस्ताव किया है। लगभग 0.7 प्रतिशत का परिणामी कर प्रतिस्पर्धी क्षेत्राधिकार के मुकाबले काफी कम होगा।
केन्द्रीय वित्त मंत्री ने देश में टोल निर्माण को बढ़ावा देने के लिए बजट 2026-27 में ऐसे किसी अप्रवासी को आयकर से पांच वर्षों के लिए छूट प्रदान करने का प्रस्ताव किया है जो बॉन्डेड क्षेत्र में किसी टोल विनिर्माता को पूंजीगत वस्तुएं, उपकरण अथवा टूलिंग उपलब्ध कराता है।
बजट प्रस्तावों में अधिसूचित योजनाओं के अंतर्गत पांच वर्षों की प्रवास अवधि के लिए किसी अप्रवासी विशेषज्ञ की वैश्विक (गैर भारत स्रोत) आय के लिए छूट प्रदान किया गया है। इसका उद्देश्य वैश्विक प्रतिभाओं को भारत में लंबी अवधि के लिए काम करने हेतु प्रोत्साहित करना है।



