Tuesday, January 20, 2026
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आईजी संजीव शुक्ला ने ली अपराध समीक्षा बैठक, अपराधियों पर सख्ती, पीड़ितों को त्वरित न्याय

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रायपुर। पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज डॉ. संजीव शुक्ला द्वारा आज रेंज अंतर्गत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों/पुलिस अधीक्षकों की वर्ष 2026 की प्रथम अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में लंबित गंभीर अपराध, महिला एवं बाल अपराध, संपत्ति संबंधी अपराध, गुम इंसान, मर्ग, विभागीय जाँच, समंस-वारंट तामीली, लघु अधिनियम एवं प्रतिबंधात्मक कार्यवाहियों की गहन समीक्षा की गई।

पुलिस महानिरीक्षक द्वारा रेंज के जिलों के कार्यों की क्रमवार समीक्षा की गई। वर्ष 2025 में पूर्व वर्षों की तुलना में रेंज में हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, नकबजनी, चोरी, महिला एवं बच्चों के विरूद्ध अपराध में कमी आई है। अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, अपराधों में कमी तथा त्वरित विधिक निराकरण हेतु सभी पुलिस अधीक्षकों की सराहना की गई। साथ ही वर्ष 2026 के लिए अपराध, गुम इंसान, मर्ग, शिकायतें, विभागीय जाँच एवं प्रतिबंधात्मक कार्यवाहियों में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर मासिक समीक्षा के आधार पर परिणाममूलक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

डॉ. शुक्ला ने स्पष्ट किया कि गंभीर प्रकृति के प्रकरणों में सतत, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध विवेचना अनिवार्य है तथा कोई भी प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहना चाहिए। महिला एवं बाल अपराधों में संवेदनशीलता के साथ तत्काल संज्ञान लेकर समय-सीमा के भीतर कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। पर्यवेक्षण अधिकारियों को थाना/चौकी स्तर के लंबित अपराधों की प्रतिदिन समीक्षा कर विवेचकों को सतत मार्गदर्शन देने के निर्देश दिए गए।

संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी अंकुश हेतु गश्त-पेट्रोलिंग बढ़ाने, आदतन अपराधियों एवं संदिग्ध व्यक्तियों पर सतत निगरानी रखने तथा जुआ-सट्टा, अवैध शराब एवं मादक पदार्थों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए गए। सीमावर्ती क्षेत्रों में सघन चेकिंग एवं मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने पर विशेष जोर दिया गया।

पुलिस महानिरीक्षक ने पुलिस बल में अनुशासन, जवाबदेही और नेतृत्व की भूमिका पर विशेष बल देते हुए किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता पर त्वरित अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राजपत्रित अधिकारियों को अपने पर्यवेक्षणीय थाना/चौकी की प्रतिदिन मॉनिटरिंग कर अधीनस्थों को स्पष्ट दिशा-निर्देश एवं मार्गदर्शन देने के लिए निर्देशित किया गया।

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