खैरागढ़ जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच बाढ़ जैसी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए जिला प्रशासन द्वारा छुईखदान क्षेत्र में बाढ़ आपदा प्रबंधन की मॉकड्रिल आयोजित की गई। मॉकड्रिल के दौरान जिला बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचना दी गई कि बाढ़ के कारण प्रभावित लोगों को ले जा रही नाव पलट गई है और चार लोग पानी में फंस गए हैं। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राहत एवं बचाव दलों को घटनास्थल के लिए रवाना किया।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग से विभिन्न संचार माध्यमों के जरिए प्राप्त भारी वर्षा एवं बाढ़ की चेतावनी को देखते हुए जिला, अनुविभाग एवं तहसील स्तर पर संचालित बाढ़ आपदा राहत केन्द्रों को पहले से ही सतर्क किया गया था। इसी दौरान छुईखदान बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष से जिला बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचना दी गई कि बाढ़ के कारण नाव पलट गई है और प्रभावित लोगों को तत्काल बचाव की आवश्यकता है।
सूचना प्राप्त होते ही जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के पदेन अधिकारियों ने बिना समय गंवाए बचाव कार्य शुरू कराया। स्थानीय आपदा मित्रों एवं स्थानीय तैराकों को तत्काल बचाव कार्य के लिए सक्रिय किया गया। अनुविभागीय अधिकारी ने तहसील स्तर के नोडल अधिकारी से संपर्क स्थापित कर आवश्यक निर्देश प्रसारित किए। साथ ही राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों को घटनास्थल पर तत्काल पहुंचने के निर्देश दिए गए।
तेज बहाव के बीच चार लोगों का सफल रेस्क्यू
मॉकड्रिल के दौरान बाढ़ के तेज बहाव में फंसे चार लोगों के बचाव की कार्रवाई का प्रदर्शन किया गया। एसडीआरएफ, आपदा मित्रों एवं स्थानीय तैराकों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाते हुए चारों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। तेज बहाव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच बचाव दल ने रेस्क्यू बोट, रस्सियों और सुरक्षा उपकरणों की मदद से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया।
रेस्क्यू के दौरान एक व्यक्ति की हालत गंभीर दर्शाई गई। पानी में फंसने के कारण उसके बेहोश होने पर मौके पर ही प्राथमिक उपचार और सीपीआर देने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। इसके बाद सभी प्रभावितों को राहत शिविर में स्थानांतरित किया गया तथा गंभीर रूप से प्रभावित व्यक्ति को बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए सिविल अस्पताल पहुंचाने की कार्रवाई की गई।
मॉकड्रिल के माध्यम से आपदा की स्थिति में सूचना प्राप्त होने से लेकर रेस्क्यू, प्राथमिक उपचार, राहत शिविर में स्थानांतरण और अस्पताल तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया को प्रदर्शित किया गया। इसका उद्देश्य राहत एवं बचाव दलों की तत्परता तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की वास्तविक स्थिति को परखना रहा।
कलेक्टर और एसपी ने किया रेस्क्यू ऑपरेशन का निरीक्षण
मॉकड्रिल के दौरान कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल और पुलिस अधीक्षक श्री लक्ष्य विनोद शर्मा ने घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने रेस्क्यू टीम द्वारा अपनाई जा रही प्रक्रिया, बचाव उपकरणों के उपयोग, प्रभावितों को सुरक्षित निकालने तथा प्राथमिक उपचार की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
कलेक्टर श्री चंद्रवाल ने अधिकारियों और बचाव दल से पूरी कार्रवाई की जानकारी लेते हुए आपदा की वास्तविक स्थिति में सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा में प्रत्येक मिनट महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय, पर्याप्त संसाधन और प्रशिक्षित बचाव दल की उपलब्धता से जनहानि को रोका जा सकता है।
पुलिस अधीक्षक श्री लक्ष्य विनोद शर्मा ने भी रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पुलिस की भूमिका, सुरक्षा व्यवस्था और बचाव दलों के साथ समन्वय का निरीक्षण किया। उन्होंने आपदा की स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों तक सुरक्षित पहुंच, भीड़ नियंत्रण तथा राहत एवं बचाव दलों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर दिया।



