दिनांक: 21 मार्च 2026, समय: सुबह 11:00 बजे
स्थान: राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर, जीरो पॉइंट, रायपुर

छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा 21 मार्च 2026 को सुबह 11:00 बजे “बोर्ड के नव नियुक्त उपाध्यक्ष श्री अजय शुक्ला के पदभार ग्रहण समारोह” का आयोजन राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर, जीरो पॉइंट, रायपुर में किया गया।
कार्यक्रम में सर्वप्रथम बोर्ड के माननीय अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने बोर्ड के नव नियुक्त उपाध्यक्ष श्री अजय शुक्ला को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए बोर्ड द्वारा किए जा रहे कार्यों एवं योजनाओं के विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बोर्ड वर्तमान में औषधीय पौधों की खेती हेतु विशेष योजना चला रहा है, जिसके अंतर्गत धमतरी जिले में महानदी के किनारे खस की खेती महिला स्व सहायता समूहों के माध्यम से की जा रही है। इन्हें फसल उत्पादन के पहले ही एडवांस ₹25 लाख विक्रेताओं द्वारा प्रदान किया गया है। वहीं गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में लेमनग्रास की खेती स्व सहायता समूहों के माध्यम से की जा रही है। बोर्ड द्वारा किए जा रहे फलस्वरूप खेती में नवाचार योजना के लिए राष्ट्रीय स्तर का पुरस्कार भी मिला है।
इसके बाद कार्यक्रम में बोर्ड के नव नियुक्त उपाध्यक्ष श्री अजय शुक्ला ने हस्ताक्षर कर पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण समारोह में उपस्थित सभी लोगों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जगदलपुर के विधायक माननीय श्री किरण सिंह देव ने बोर्ड के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि दिसंबर माह में बोर्ड द्वारा आयोजित एक संभागीय स्तर के वैद्य सम्मेलन में विभिन्न प्रकार की बीमारियों का उपचार करने वाले सैकड़ों वैद्यों से मिलने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि बस्तर में यदि कोई आदिवासी बीमार होता है तो वह सबसे पहले वैद्यों के पास जाता है, जहां उसका उपचार निःशुल्क किया जाता है।
कार्यक्रम के अति विशिष्ट अतिथि तकनीकी शिक्षा मंत्री माननीय श्री खुसवंत साहेब ने नव नियुक्त उपाध्यक्ष को बधाई देते हुए कहा कि वैद्यगण बड़ी-बड़ी बीमारियों का इलाज छोटी-छोटी जड़ी-बूटियों से कम खर्च में कर देते हैं। इसके बाद कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि धरसीवा क्षेत्र के विधायक पद्मश्री अनुज शर्मा ने भी उपाध्यक्ष को पदभार ग्रहण करने पर बधाई दी।
इसके पश्चात कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने अपने उद्बोधन में बताया कि पूरे छत्तीसगढ़ में 60 लाख वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र है और पिछले कुछ वर्षों में वन क्षेत्र में 683 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि हुई है, जो राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ के जंगलों, विशेषकर बस्तर के जंगलों में दुर्लभ औषधियों का भंडार है, जिसका उपयोग वहां के वैद्य आम लोगों के उपचार में करते हैं। बस्तर क्षेत्र के लगभग 80 प्रतिशत लोग जंगलों और उनसे प्राप्त औषधियों पर निर्भर हैं। उन्होंने सभी से अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस (21 मार्च) के अवसर पर यह संकल्प लेने का आग्रह किया कि वे छत्तीसगढ़ की परंपरा, संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान का संरक्षण भविष्य की पीढ़ियों के लिए करेंगे।
कार्यक्रम में राजस्व मंत्री माननीय श्री टंकराम वर्मा, अभनपुर विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी, आरडीए अध्यक्ष श्री नंदे साहू, नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, एपेक्स बैंक अध्यक्ष श्री केदारनाथ गुप्ता, निशक्तजन आयोग अध्यक्ष श्री लोकेश कावड़िया, बीज निगम अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, राज्य अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, श्री अशोक बजाज (प्रदेश कार्यालय मंत्री), श्री आलोक ठाकुर (किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष), श्री अरविंद ठाकुर (अध्यक्ष सरपंच संघ रायपुर) सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त विभिन्न जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जे.ए.सी.एस. राव सहित कार्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।



