Thursday, April 30, 2026
HomeChhattisgarhसफलता की कहानी आर्थिक संकट के...

सफलता की कहानी आर्थिक संकट के अंधेरे से उबरकर रोशन हुआ कुसुम बाई का घर

Banner Advertising

​रायपुर, 30 अप्रैल 2026/
जनकल्याणकारी योजनाओं की सफलता का पैमाना वह मुस्कान है, जो किसी गरीब के चेहरे पर तब आती है, जब उसे उम्मीद की नई किरण दिखाई देती है। छत्तीसगढ़ शासन की ‘मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026’ आज प्रदेश के हजारों परिवारों के लिए ऐसी ही एक उम्मीद बनकर उभरी है। धमतरी जिले की कुसुम बाई सतनामी की कहानी इस योजना की संवेदनशीलता और प्रभावशीलता का जीवंत उदाहरण है।

बढ़ता कर्ज और मानसिक तनाव

  ​धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड के ग्राम चरमुडिया की निवासी श्रीमती कुसुम बाई सतनामी का परिवार पिछले काफी समय से आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहा था। सीमित आय और परिवार की अन्य अनिवार्य जरूरतों के बीच बिजली बिल का भुगतान पीछे छूटता गया। देखते ही देखते बकाया राशि का पहाड़ खड़ा हो गया और कुल राशि 37 हज़ार 70 रुपए तक जा पहुँची। भारी भरकम बिल और ऊपर से बढ़ता अधिभार (सरचार्ज) कुसुम बाई के लिए मानसिक और आर्थिक बोझ बन चुका था।


योजना बनी मददगार

​जब कुसुम बाई को शासन की नई समाधान योजना की जानकारी मिली, तो उन्होंने बिना देर किए आवेदन किया। विद्युत विभाग के सहयोग से प्रक्रिया इतनी सरल रही कि उन्हें शीघ्र ही योजना का लाभ मिल गया।​कुसुम बाई को ​कुल बकाया राशि: 37 हज़ार 70 रुपए में से 28 हज़ार 640 रुपए की छूट प्रदान की गई।इसमें ​विशेष लाभ के रूप में अधिभार (सरचार्ज) में 100% की माफी दी गई। इस प्रकार शेष राशि के भुगतान हेतु आसान किस्तों का विकल्प मिलने से बिल पटाने की चिंता से मुक्ति मिली। इस पर श्रीमती कुसुम बाई ने कहा कि बकाया बिल को लेकर मैं हमेशा चिंता में रहती थी। समझ नहीं आ रहा था कि इतनी बड़ी राशि कहाँ से लाऊंगी। लेकिन इस योजना ने मेरा 28 हज़ार रुपए से ज्यादा का बोझ कम कर दिया। अब मैं नियमित रूप से बिल जमा कर पा रही हूँ। मुख्यमंत्री जी को बहुत-बहुत धन्यवाद।

​धमतरी जिले में योजना की शानदार प्रगति

 ​कुसुम बाई केवल एक उदाहरण हैं, धमतरी के कुरूद विकासखंड और पूरे जिले में यह योजना एक जन-आंदोलन का रूप ले चुकी है। अब तक जिले में 4,652 हितग्राहियों की पहचान की गई है, जिनमें से 4,115 उपभोक्ता आवेदन की प्रक्रिया पूर्ण कर चुके हैं। कुल 537 उपभोक्ताओं को अब तक प्रत्यक्ष लाभ मिल चुका है। ​यह योजना विशेष रूप से राज्य के उन वर्गों को लक्षित कर बनाई गई है जो किन्हीं कारणों से विकास की मुख्यधारा से पीछे छूट गए थे।

​बी.पी.एल. एवं घरेलू उपभोक्ताओं के आर्थिक बोझ कम करने हेतु विशेष प्रावधान किया गया है। इसी तरह अन्नदाताओं कृषकों को बकाया से मुक्ति दी गई है। इस योजना के तहत मूल बकाया राशि पर 50 से 75 प्रतिशत तक की छूट और सरचार्ज की पूरी माफी दी गई है।

संवेदनशीलता का सशक्त उदाहरण

  ​मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 केवल एक वित्तीय राहत की योजना नहीं है, बल्कि यह शासन की पारदर्शिता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। यह योजना लोगों को डिफॉल्टर की श्रेणी से बाहर निकालकर उन्हें एक 'नियमित और सम्मानित उपभोक्ता' के रूप में नई शुरुआत करने का अवसर दे रही है। धमतरी की कुसुम बाई जैसी हजारों माताओं-बहनों के घरों में आज जो बिजली की रोशनी है, उसके पीछे शासन की इसी कल्याणकारी सोच का हाथ है।
RELATED ARTICLES
spot_img

Most Popular