मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में उद्योगों के लिए नई भूमि और उसका केनवास तैयार हो चुका है, अब हम उद्योगपतियों के साथ मिलकर योजनाओं और नीतियों के सहारे रंग भरने का काम कर रहे है। इसमें नवउद्यमिता के लिए पर्याप्त नए अवसर सृजित किये जा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प अनुसार देश की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हो रही है। दक्षिण के द्वार के नाम से प्रसिद्ध बुरहानपुर, प्रदेश के विकास का द्वार है।बुरहानपुर में उद्यम और परिश्रम के संस्कार हैं, जिले के लोगों के हुनर बहुमुखी हैं। कृषि से लेकर उद्योगों तक सभी क्षेत्रों में बुरहानपुर में गतिशीलता का वातावरण है। बुरहानपुर के विकास को नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।सरकार बुरहानपुर की क्षमता और योग्यता को वैश्विक स्तर तक पहुंचाने के लिए स्थानीय उद्योग जगत के साथ परस्पर विश्वास, सहयोग और साझेदारी के साथआगे बढ़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुरहानपुर के सुखपुरी को इंडस्ट्रियल बेल्ट के रूप में विकसित किया जाएगा, साथ ही औद्योगिक क्षेत्र रेहटा में नवीन मार्ग भी बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुरहानपुर के श्री परमानंद गोविंदजी वाला ऑडिटोरियम परिसर में आयोजित उद्यमी संवाद को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने ऑडिटोरियम परिसर में उद्यमियों के उत्पादों का अवलोकन किया तथा उनसे संवाद भी किया। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट तथा बुरहानपुर विधायक एवं पूर्व मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनीस विशेष रूप से उपस्थित थीं।

व्यापारिक कल्याण बोर्ड के गठन से संभावनाओं को मिलेगा नया आयाम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए 24×7 सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। हमारा मुख्य लक्ष्य तेजी से उद्योगों की स्थापना कर स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ना है। इसी उद्देश्य से वर्ष 2025 उद्योग और रोजगार वर्ष के रूप में मनाया गया था। शासन द्वारा प्रदेश में उद्योगों के विकास के लिए हर स्तर पर कार्य किया जा रहा है। मंत्रि-परिषद द्वारा मंगलवार 05 मई, 2026 को ही प्रदेश में राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड और जिला स्तरीय समितियों के गठन को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जिला स्तर पर संचालित विकास गतिविधियों में जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारियों के साथ ही जन सामान्य की भूमिका सुनिश्चित करने के लिए विकास समितियां गठित की गई हैं। हम चाहते है कि विश्व में सामग्री सप्लाई करने वाले उद्योगपति हमारे देश और प्रदेश के हों, इसी लक्ष्य के साथ प्रदेश में औद्योगिक अधोसंरचना का केनवास तैयार किया जा रहा है।
पुराने कानून खत्म कर औद्योगिक विकास के नए नियम बनाये
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य शासन ने उद्योगों के विकास के लिए उद्योग मित्र नीतियां बनाई हैं। निरर्थक हो चुके कानून खत्म कर नए नियम बनाकर उद्योगों के लिए नए रास्ते और अवसर तलाशे गए हैं। तुअर दाल पर लगने वाले टैक्स को समाप्त किया गया, अब आगे कपास को लेकर भी विचार किया जा रहा है। यह सब उद्यमियों से संवाद के बाद किया गया। इस तरह से उद्योगों के हित में लगातार काम किया जाएगा। प्रदेश में पिछले वर्ष को उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में मनाया गया। वर्तमान में कृषक कल्याण वर्ष के रूप में गतिविधियां जारी हैं। बुरहानपुर क्षेत्र में कृषि संबंधी गतिविधियों भी का पर्याप्त विस्तार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केले और कपास के बिना बुरहानपुर की बात अधूरी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्थानीय समस्याओं पर सकारात्मक विचार रूप से विचार करते हुए उनका समाधान निकाला जाएगा। ताप्ती मैया की कृपा से बुरहानपुर उद्योग और कृषि के क्षेत्र में निरंतर प्रगति करेगा।



