Tuesday, August 18, 2026
HomeChhattisgarhस्वदेशी फैशन शो में आत्मसमर्पित महिलाओं...

स्वदेशी फैशन शो में आत्मसमर्पित महिलाओं की स्वैच्छिक भागीदारी, बढ़ा आत्मविश्वास

Banner Advertising

सुकमा की 9 पुनर्वासित महिलाओं ने स्वेच्छा से किया रैंप वॉक

सुकमा की 9 पुनर्वासित महिलाओं ने स्वेच्छा से किया रैंप वॉक

रायपुर, 17 अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ में हाथकरघा और ग्रामोद्योग को बढ़ावा देने के लिए आयोजित स्वदेशी फैशन शो में समाज की मुख्यधारा में लौट रही आत्मसमर्पित महिलाओं की सशक्त भागीदारी देखने को मिली। सुकमा जिले के पुनर्वास केंद्रों में रह रही 9 महिलाओं ने अपनी स्वेच्छा से बिलासा हैंडलूम एम्पोरियम के कोसा और कॉटन परिधान पहनकर रैंप वॉक किया।

7 अगस्त को हुआ था आयोजन

राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस (7 अगस्त) के अवसर पर रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में स्वदेशी फैशन शो और ग्रामोद्योग हाथकरघा प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन एवं ग्रामोद्योग मंत्री श्री गजेंद्र यादव के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राज्य के हाथकरघा उत्पादों का प्रचार- प्रसार करना और बुनकरों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।

विभाग का स्पष्टीकरण- पूर्णतः स्वैच्छिक भागीदारी

ग्रामोद्योग विभाग ने स्पष्ट किया है कि सुकमा जिला प्रशासन द्वारा 19 जुलाई 2026 को इन महिलाओं की सहभागिता की जानकारी दी गई थी और सभी 9 चयनित महिलाओं ने इसके लिए अपनी लिखित सहमति दी थी। महिलाओं ने बिना किसी दबाव के, स्वेच्छा से इस आयोजन में भाग लिया। विभाग के अनुसार यह पहल पुनर्वासित महिलाओं में आत्मविश्वास जगाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हुई है।

160 हितग्राहियों को मिलेगा निःशुल्क हाथकरघा प्रशिक्षण

महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को गति देने के लिए बस्तर संभाग के 8 पुनर्वास केंद्रों के 160 हितग्राहियों (प्रत्येक केंद्र से 20) को हाथकरघा वस्त्र बुनाई का नया प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए 54.40 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। प्रशिक्षणार्थियों को निःशुल्क नए करघे और आवश्यक उपकरण भी प्रदान किए जाएंगे, ताकि वे घर बैठे ही रोजगार और आय प्राप्त कर सकें।

ग्रामोद्योग विभाग के सचिव सह प्रबंध संचालक श्री राजेश सिंह राणा ने कहा कि पुनर्वासित हितग्राहियों को स्वरोजगार से जोड़ना उनके स्थायी पुनर्वास और सशक्तिकरण के लिए अत्यंत आवश्यक है।

RELATED ARTICLES
spot_img

Most Popular