कोरिया. ग्रामीण विकास को नई गति देने के उद्देश्य से लागू की गई वीबीजी रामजी योजना के तहत कोरिया जिले ने तकनीकी पारदर्शिता की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जिले में मनरेगा के अंतर्गत पंजीकृत सभी श्रमिकों का ई-केवाईसी कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है। इसके साथ ही कोरिया प्रदेश का ऐसा पहला जिला बन गया है, जिसने निर्धारित समय में यह लक्ष्य हासिल किया है।

कलेक्टर चंदन त्रिपाठी के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन और पंचायत अमले के समन्वित प्रयासों से जिले की सभी ग्राम पंचायतों के पंजीकृत श्रमिक परिवारों के प्रत्येक सदस्य का आधार आधारित ई-केवाईसी कार्य पूरा किया
उल्लेखनीय है कि प्रदेश स्तर पर अभी औसत ई-केवाईसी लगभग 92 प्रतिशत है, जबकि कोरिया जिले ने 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर नई मिसाल पेश की है।
’तकनीक से बढ़ेगी पारदर्शिता’
मनरेगा से उन्नत होकर वीबीजी रामजी योजना की दिशा में आगे बढ़ते हुए योजनाओं में पारदर्शिता लाने के लिए तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इसके अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों का आधार आधारित ई-केवाईसी किया गया है, जिससे अब ऑनलाइन पोर्टल पर दैनिक उपस्थिति आधार के अनुसार व्यक्ति-वार दर्ज की जाएगी।
’जिले के आंकड़े’
कोरिया जिले में कुल 80,226 पंजीकृत श्रमिक हैं। इनमें जनपद पंचायत सोनहत के अंतर्गत 22,306 श्रमिक जनपद पंचायत बैकुण्ठपुर के अंतर्गत 57,919 श्रमिक पंजीकृत हैं। इन सभी का आधार के अनुसार ऑनलाइन पोर्टल पर ई-केवाईसी कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
’श्रमिकों के पसीने का सम्मान’
कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी ने कहा कि यह उपलब्धि जिले के उन हजारों श्रमिकों के पसीने का सम्मान है। उन्होंने बताया कि वीबीजी रामजी योजना ग्रामीणों की तकदीर व तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी।
’दोनों जनपद पंचायतों ने हासिल किया लक्ष्य’
जिला पंचायत कोरिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने बताया कि राज्य कार्यालय के निर्देशानुसार प्रदेशभर में ई-केवाईसी अभियान चलाया जा रहा है। इस क्रम में प्रदेश की 146 जनपद पंचायतों में सबसे पहले जनपद पंचायत सोनहत ने शत-प्रतिशत ई-केवाईसी कार्य पूरा किया। इसके बाद जनपद पंचायत बैकुण्ठपुर ने भी यह उपलब्धि हासिल कर ली।
दोनों जनपद पंचायतों के प्रयासों से अब कोरिया जिला शत-प्रतिशत ई-केवाईसी करने वाला प्रदेश का पहला जिला बन गया है, जो वीबीजी रामजी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।



