दिल्ली। भारत के बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम को एक बड़ा प्रोत्साहन देते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 (स्टार्टअप इंडिया एफओएफ 2.0) की स्थापना को मंजूरी दे दी है। इसके लिए कुल 10,000 करोड़ रुपये का कोष आवंटित किया गया है, जिसका मकसद देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए वेंचर कैपिटल जुटाना है।

इस योजना को बनाने का मकसद दीर्घकालिक घरेलू पूंजी जुटाकर, वेंचर कैपिटल इकोसिस्टम को मजबूत करके और देश भर में नवाचार-आधारित उद्यमिता को समर्थन देकर भारत के स्टार्टअप सफर के अगले चरण को रफ्तार देना है।
स्टार्टअप इंडिया पहल के तहत शुरू की गई स्टार्टअप इंडिया एफओएफ 2.0, भारत को दुनिया के अग्रणी स्टार्टअप देशों में से एक बनाने के लिए करीब एक दशक से किए जा रहे निरंतर प्रयासों का परिणाम है। 2016 में स्टार्टअप इंडिया की शुरूआत के बाद से, भारत की स्टार्टअप व्यवस्था में एक असाधारण बदलाव देखा गया है, जो 500 से भी कम स्टार्टअप से बढ़कर आज उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) द्वारा मान्यता प्राप्त 2 लाख से अधिक स्टार्टअप तक पहुंच गया है और जिसमें 2025 में स्टार्टअप पंजीकरण की वार्षिक संख्या अब तक की सबसे अधिक है।
स्टार्टअप्स के लिए फंड ऑफ फंड्स 1.0 की सफलता को आगे बढ़ाना
स्टार्टअप इंडिया एफओएफ 2.0, स्टार्टअप्स के लिए फंड ऑफ फंड्स (एफएफएस 1.0) के सफल प्रदर्शन को आगे बढ़ा रहा है। एफएफएस 1.0 को 2016 में स्टार्टअप्स के लिए फंडिंग की कमी को दूर करने और घरेलू वेंचर कैपिटल बाजार को गति देने के लिए शुरू किया गया था।
एफएफएस 1.0 के तहत, 10,000 करोड़ रुपये की पूरी राशि 145 वैकल्पिक निवेश फंडों (एआईएफ) को आवंटित की गई थी। इन समर्थित एआईएफ ने कृषि, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, ऑटोमोटिव, क्लीन टेक, उपभोक्ता वस्तुएं और सेवाएं, ई-कॉमर्स, शिक्षा, फिनटेक, खाद्य और पेय पदार्थ, स्वास्थ्य सेवा, विनिर्माण, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और जैव प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में देश भर के 1,370 से अधिक स्टार्टअप्स में 25,500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है।
एफएफएस 1.0 ने नए संस्थापकों को प्रोत्साहित करने, निजी पूंजी जुटाने और भारत के वेंचर कैपिटल इकोसिस्टम की मजबूत नींव बनाने में अहम भूमिका निभाई।



